भारत इस्राई 

स्टार्टअप ब्रिज

भारतीय-इजरायल नवाचार संबंध मजबूत करब

अवलोकन

इन्डिया - इजराइल ग्लोबल इन्नोभेसन चैलेन्ज

india and israel are joining forces in order to address some of the world’s most pressing innovation challenges. startup india and the israel innovation authority invite entrepreneurs, startups, research teams, etc., to submit their solutions to challenges in the areas of agriculture, water and digital health.

indian winners israeli winners
exclusive summit with industry leaders and potential partners in india as well as israel exclusive summit with industry leaders and potential partners in india as well as israel
INR केर नकद पुरस्कार 2.00 - 5.00 लाख इजरायल इनोवेशन अथॉरिटीक तहत नव i4F कोष(फंड)सँ पायलट निष्पादनक लेल निधिकरण(फंडिंग)क अवसर
आईएनआऱ(INR)क अतिरिक्त नकद पुरस्कार 10.00 - 25.00 केवल पाइनक चुनौतीक लेल लाख (लिभप्योर(Livpure) द्वारा प्रायोजित) आईएनआऱ(INR) 10.00 - 25.00क अतिरिक्त नकद पुरस्कार लाख (समकक्ष 15, 000-40, 000) पाइनक चुनौतीक लेल यूएसडी(USD) (लिभप्योर(Livpure) द्वारा प्रायोजित)
सीमा पारसँ परामर्श आ ऊष्मायन/त्वरण समर्थन cross-border mentorship with indian industry experts
matchmaking with leading corporates and investors to explore piloting solution in india प्रमुख कॉरपोरेट आ निवेशक के संग मैचमेकिंग पायलटिंग के खोज करय लेल त

winners declaration

इजरायल-भारत व्यापार दिशानिर्देश

त्वरित बात / तथ्य | भारत एवं इजरायल 

  • तेल अवीव: स्टार्टअप जीनोम 2025 मे वैश्विक स्तर पर #4
  • वीसी जुटाओल गेल: एच 1 2025 मे $ 9.3B
  • मेगा राउंड: एच 1 2025 मे 32 ($ 50M +)
  • मूल्य: $ 198B (जुलाई 2022–दिसम्बर 2024)
  • Gov. Support: IIA 2024 मे $105M निवेश केलक (3 साल मे कुल $257M)

भारत–इजरायल इनोवेशन ब्रिज

भारत–इजरायल इनोवेशन ब्रिज एकटा गतिशील मंच छै जे दूनू राष्ट्रक कें उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र कें एक साथ लाबै छै ताकि सहयोग कें माध्यम सं वैश्विक चुनौतियक कें समाधान कैल जा सकय. इ कृषि, जल, डिजिटल स्वास्थ्य, आ उन्नत तकनीक जैना क्षेत्रक मे संयुक्त नवाचार कें बढ़ावा देयत छै. स्टार्टअप, शोध टीम, आ उद्योग कें नेताक कें जोड़ क इ पुल वास्तविक दुनिया कें प्रभाव कें साथ टिकाऊ समाधान कें सह-निर्माण कें सक्षम बनायत छै. ई साझेदारी न सिर्फ द्विपक्षीय संबंध क॑ मजबूत करै छै बल्कि सीमा पार स॑ मार्गदर्शन, निवेश, आरू प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान लेली नया अवसर भी खोलै छै, जेकरा स॑ दूनू देशऽ लेली समावेशी विकास बढ़ी जाय छै.